पांच साल से जेल में बंद सीमा सलाखों के बाहर आएगी. सीमा की दुखभरी कहानी के साथ हमने कहा था कि इस रात की सुबह नहीं. ये भी कि जिसका कोई नहीं, उसका खुदा भी नहीं... लेकिन माफ कीजिएगा, हम गलत थे. इस रात की सुबह है. गोरखपुर बड़े दिल वालों का शहर है. जिसका कोई नहीं, उसके लिए यहां कई हाथ बढ़ जाते हैं.

सीमा का भी परिवार था. मां थी, बाप था, भाई था. लेकिन जिंदगी जब इम्तिहान लेती है, तो रिश्ते बेमानी हो जाते है. अपने कैसे दामन छोड़ जाते है, सीमा से पूछिए. नौ साल की थी, मकान मालिक ने परिवार को घर से निकाल दिया. पूरा परिवार सड़क पर आ गया. बाप को हालात काबू में आते न लगे, तो वो भगोड़ा हो गया. फुटपाथ पर बचे सीमा, उसकी मां और भाई. फिर मां भाई को लेकर गायब हो गई. बेटी बोझ होती है, उसे फुटपाथ के भरोसे छोड़ गई. मुकद्दर की ठोकरें खाती सीमा को एक घर में बतौर मेड आसरा मिल गया. यहां मामूली विवाद में उस पर चोरी का इलजाम लगा. 15 साल की उम्र में सीमा सलाखों के पीछे पहुंच गई. मुकदमा ट्रायल पर है. पांच साल जेल में गुजार चुकी सीमा को अपने जुर्म साबित होने पर भी इतनी सजा नहीं मिलेगी. सीमा इसलिए जेल में है, क्योंकि कोई जमानत कराने वाला नहीं था.
पर अब है

वो गुजरी बात है कि सीमा का कोई नहीं था. सीमा की ये कहानी आई नेक्स्ट के जरिये गोरखपुर शहर के सामने है. सीमा एक सवाल के तौर पर जब सामने आई, तो कई हाथ बढ़े. आई नेक्स्ट की ये पहल है, ये जिद है कि सीमा भी शहर की बाकी लड़कियों की तरह जिंदगी जिये. इस पहल में आई नेक्स्ट के साथ हाथ मिलाया वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र धर दूबे ने. बतौर वकील रोज इंसाफ की जंग लडऩे वाले दूबे खुदाई खिदमतगार के तौर पर सीमा को जेल से बाहर निकालने के लिए आगे आए है. इस बाबत सोमवार को दूबे पहले जेल अधीक्षक एस.के.शर्मा से मिले, फिर सीमा से मुलाकात की. सीमा हैरान थी. पांच साल में पहली बार कोई उससे मिलने आया था. आज दूबे ने इस मामले में संबंधित न्यायाधीश से मुलाकात की. चार तारीख को पेशी पर दूबे सीमा की जमानत अर्जी लगाएंगे.

बार भी साथ
गोरखपुर बार एसोसिएशन भी इस नेक काम में आई नेक्स्ट के साथ आगे आई है. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश दूबे ने वादा किया है कि बार पूरी तरह से इस काम में साथ है. बार सीमा को जेल से बाहर लाने की इस मुहिम में हर संभव मदद करेगी. उन्होंने भी इस सिलसिले में बार का प्रतिनिधिमंडल जेल भेजने और जमानत के लिए उपलब्ध कराने का इरादा जाहिर किया है.

रात के बाद हुआ सवेरा 

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