The Inside Story
इंदौर, एजेंसी। पिता द्वारा तांत्रिक विधि से अपनी बलि चढ़ने के डर से बेटे ने पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी। खबरों के मुताबिक हाथ में आटे का पुतला बनाकर तंत्र-मंत्र करता पिता पलंग पर लेटे बेटे को काफी देर तक घूरता रहा। जब उसने एक लकड़ी उठाई और बेटे की तरफ लपका तो बेटे ने सोचा वह उसकी बलि च़़ढाने आया है।

इस संदेह ने ही पिता का गला घोंट दिया। हत्या के बाद बेटे ने लाश घर के एक कोने में छिपाई और रात को दोस्त की मदद से 4 किलोमीटर दूर एक नाले के पास फेंक आया। 5वें दिन शव मिलने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। काफी छानबीन के बाद आखिरकार बेटे ने सच उगल दिया।

उल्लेखनीय है कि यह मामला कदवाली बुजुर्ग हायर सेकंडरी स्कूल के पीछे 25 सितंबर को मिली डीएलएफ कांकड निवासी हरनाथ पिता उमरावजी की लाश का है।

इधर एसपी पश्चिम अनिल सिंह कुशवाह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हरनाथ की हत्या उसी के बेटे गोविंद ने की थी। लाश मिलने पर पुलिस ने पाया था कि मृतक के दोनों हाथ आटे से सने हैं और पेट पर भी आटा लगा है। पुलिस हरनाथ के बेटे को ही साथ में लेकर तफ्तीश करती रही। एक समय तो यह भी लगा कि हरनाथ ने किसी महिला से संबंध बनाने का प्रयास किया और उसकी हत्या कर दी गई।

फिर पुलिस को शंका हुई कि आखिर बेटे गोविंद ने 5 दिन तक बाप की गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों दर्ज नहीं करवाई। गोविंद की मां की मौत हो चुकी थी और उसके दो भाई अलग रहते हैं। पिता के साथ वह अकेला ही रहता था। सख्ती से पूछताछ में गोविंद टूट ही गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया।